मोदी सरकार ने मानी किसानों की 15 में से 5 मांगें, ख़त्म हुआ आंदोलन

मोदी सरकार ने मानी किसानों की 15 में से 5 मांगें, ख़त्म हुआ आंदोलन

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार को कृषि क्षेत्रों और किसानों के खस्ताहाल का जिम्मेदार करार देते हुए भारतीय किसान संगठन ने सरकार के समक्ष 15 सूत्री मांगें रखी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दिल्ली पैदल मार्च कर आए किसान संगठन की 15 में से 5 मांगें मोदी सरकार ने मान ली हैं।

इसके साथ ही किसानों ने आंदोलन को समाप्त करने का ऐलान किया है। दिल्ली पहुंचे किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी थीं। हालांकि, उनका कहना है कि पूरी मांगें नहीं माने जाने पर वे फिर से धरना देंगे। गौरतलब है कि वे किसान घाट पर प्रदर्शन करने वाले थे, किन्तु प्रशासन ने उन्हें राजधानी में घुसने नहीं दिया। उन्हें बॉर्डर पर रोक लिया गया था। वे धरने पर बैठ गए थे। 

किसान मार्च की वजह से दिल्ली की कई सडक़ों पर भारी जाम देखने को मिला। ITO से दीनदयाल उपाध्याय मार्ग को दोनों ओर से यातायात के लिए बंद कर दिया गया। गाजीपुर सीमा के यूपी गेट से निजामुद्दीन आने वाले मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि उन्हें पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का मौका दिया जाएगा।

नीति आयोग के सीईओ ने खराब अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर सरकार का किया बचाव

कच्चे तेल की बढ़ती कीमत के बीच भारत को मिली यह राहत भरी खबर

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने केमिकल इंडस्ट्री में निर्यात को लेकर कही यह बात