भाग्य का हो सकता है उदय जाने कुछ खाश बातें

व्यक्ति की हस्तरेखाओं में एक भाग्य की रेखा जो की अबसे अहम रेखा मानी जाती है। इसी रेखा के माध्यम से व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवन के भाग्य का रास्ता दिखाई पड़ता है . आप जान सकते है की कहाँ होती है भाग्य रेखा ? 

भाग्य रेखा व्यक्ति की हृदय रेखा के मध्य से शुरु होकर मणिबन्ध तक जाती है। इस रेखा का उद्गम अधिकतर मध्यमा या शनि पर्वत से होता है। सीधे शब्दों में समझें तो जो रेखा मध्यमा यानि हथेली  की बीच वाली लंबी उंगुली के नीचे से शुरु होकर ऊपर तक जाती है. उसे ही भाग्य रेखा कहते हैं। कई जातकों के हाथों में यह मणिबंध यानि कलाई की रेखाओं तक भी जाती है।

जाने भाग्य रेखा से अपने जीवन में भाग्य फल- 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस जातक के हाथों में भाग्यरेखा जितनी अधिक गहरी और लंबी होती है उसका भाग्य उतना अधिक अच्छा मना जाता है। पर यदि भाग्य रेखा फीकी या कटी हुई हो तो यह अशुभ माना जाता है। 

1 . मान्यता है कि जिस बिन्दु पर भाग्य रेखा को कोई रेखा काटती है उस वर्ष मनुष्य को भाग्य या धन की हानि होती है। 2. अगर भाग्य रेखा जगह-जगह से टूटी हुई हो और शनि पर्वत से मणिबंध तक भी तो भी इसका खास महत्व नहीं होता। टूटी रेखाएं जीवन में भाग्य के समय-समय पर साथ छोड़ देने की निशानी बताएं गए हैं।

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