दुर्लभ योग में दो दिन मनेगी संक्रांति

Jan 06 2016 07:22 PM
दुर्लभ योग में दो दिन मनेगी संक्रांति

मकर संक्रांति का पर्व सभी के जीवन में उत्साह, उमंग और खुशियां लाता है। इस दौरान कई तरह की धार्मिक विधियां अपनाई जाती हैं। लोग सुबह - सवेरे उठकर स्नान, ध्यान करते हैं और फिर भगवान श्री सूर्य को अर्धय  प्रदान करते हैं। मकर संक्रांति इस वर्ष भी दो दिन मनाई जाएगी। दरअसल यूं तो मकर संक्रांति का पर्व अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 15 जनवरी को होगा। संक्रांति का सूर्योदय इसी तिथि में होगा लेकिन इसके एक दिन पहले संक्रांति पर्व की तिथि एक दिन पहले शाम को लग जाएगी।

दूसरी ओर लोकमान्यता के चलते 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस बार की संक्रांति यूं भी खास मानी जा रही है, जिसके अनुसार संक्रांति व्यापार को उन्नति देगी। संक्रांति का पर्व उत्तरा - भाद्रपद नक्षत्र और परिघ योग में मनाया जाएगा। इस योग में पर्वकाल का प्रारंभ होने से इसका प्रभाव धार्मिक प्रगति वाला होगा।  

करीब  60 वर्ष बाद संक्रांति पर नक्षत्र, योग और इसके वाहन का दिव्य संयोग भी बन रहा है। इस प्रभाव के चलते जातक की व्यापारिक उन्नति होगी। धार्मिक प्रगति होगी और सामाजिक चेतना का विकास होगा और आमजन का विश्वास राजनीति में बढ़ेगा।