प्रेम-विवाह करने के बाद महिला पर डाला इस्लाम अपनाने का दबाव, इंकार करने पर बच्चों समेत घर से निकाला

ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक महिला के विवाह के बाद धर्म परिवर्तन नहीं करने पर ससुराल वालों ने पति और बच्चों सहित उसे घर से बाहर कर दिया है. अब महिला इन्साफ के लिए झांसी की रानी समाधि स्थल पर अपने पति और बच्चों के साथ धरने पर बैठ गई है. पीड़िता ने बताया कि उसने दस वर्ष पूर्व एक मुस्लिम युवक से निकाह किया था. जिसके बाद महिला को तीन बच्चे हुए. लंबे समय से ससुराल वाले उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाल रहे थे. ऐसा नहीं करने पर अब महिला को घर से बाहर कर दिया गया है.

मामला ग्वालियर के विश्वविद्यालय क्षेत्र के सरस्वती नगर का है. पीड़ित मधु बाथम ने जानकारी दी है कि लगभग 10 साल पहले बिट्टू खान से प्रेम हुआ. दोनों ने लव मैरिज की थी. उस वक़्त बिट्टू खान ने अपना धर्म बदलकर हिंदू रिति रिवाज से मधु से विवाह किया. शादी के दोनों के 3 बच्चे हुए. बिट्टू खान ने अपना धर्म बदल लिया, किन्तु उसने मधु से कभी नहीं कहा कि वो मुस्लिम धर्म अपनाए. पीड़ित महिला ने बताया कि बिट्टू के परिजनों को शुरु से ही उसका मुस्लिम धर्म नहीं अपनाना खटक रहा था. वो लगातार महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव  डालते रहे. पीड़िता ने बताया कि बिट्टू के बड़े भाई, भाभी, सास, ननद और जीजा उस पर इस्लाम अपनाने का जोर डाला करते थे. ऐसा करने के लिए उसके साथ शुरु से ही गाली-गलौज, मारपीट और बलात्कार करने तक की धमकियां दी गई.

पीड़िता ने जब पुलिस से मामले में शिकायत की तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. शिकायत के बाद भी बिट्टू के रिश्तेदारों ने महिला और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद जब पुलिस पीड़िता को घर छोड़ने गई तो, पुलिस के सामने भी बिट्टू के घर वालों ने गाली-गलौज और धमकिया दी गई. इसके बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया. आखिर में तंग आकर महिला अपने पति औऱ बच्चों के साथ रानी लक्ष्मी बाई समाधि स्थल पर धरने पर बैठ गई.

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