माछिल फर्जी मुठभेड़ मामले में सेना के छह जवानो को कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा

Sep 07 2015 06:01 PM
माछिल फर्जी मुठभेड़ मामले में सेना के छह जवानो को कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा

श्रीनगर: खबर आ रही है की 29 अप्रैल 2010 में हुए माछिल फर्जी मुठभेड़ मामले में सेना के दो अधिकारियों और चार जवानों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. इनमे हवलदार देवेन्द्र कुमार, लांस नायक लखमी, लांस नायक अरूण कुमार, कर्नल दिनेश पठानिया, कैप्टन ओपेन्द्र, व राइफलमैन अब्बास हुसैन को आजीवन कारावास की सजा दी गई है. कश्मीर घाटी में पहली बार ऐसा हुआ है की सैन्यकर्मीयो को सैन्य कोर्ट ने इस प्रकार की सजा सुनाई हो. व इसकी पुष्टि सेना की नार्दन कमांड ने की है. 

गौरतलब है की नदिहाल गांव के रहने वाले तीन लोग शहजाद अहमद, रियाज अहमद और मोहम्मद शफी को एलओसी के निकट माछिल सेक्टर के कालारूस गांव के दो काउंटर इंसरजेसी ऐजेंट और टेरिटोरियल आर्मी के जवान अब्बास हुसैन ने सेना के पोर्टर बनने के लिए बरगलाया और उन्हें नौकरी तथा अच्छे पैसे देने का वादा किया लेकिन बाद में एलओसी के नजदीक पाकिस्तानी आतंकवादी करार देकर उनकी हत्या कर दी। व इसके बाद पूरी कश्मीर घाटी में जबरदस्त तनाव उप्तन्न हो गया था व इससे भड़की हिंसा में 123 लोगो की मौत हो हुई थी.