मोदी सरकार की नोट बंदी का भी नहीं हुआ असर, बैंक फ्रॉड में करोड़ो का नुकसान

Feb 14 2020 04:21 PM
मोदी सरकार की नोट बंदी का भी नहीं हुआ असर, बैंक फ्रॉड में करोड़ो का नुकसान

नई दिल्ली: इस बजट सत्र में भले ही बैंकिंग सेक्टर में कई तरह की राहत दी गई हों, पर बैंक मर्जर के माध्यम से उनकी बुक को स्ट्रांग करने का प्रयास किया गया हो, परन्तु बैंकिंग सेक्टर से बुरी खबरों के आने का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. जिसमें आरटीआई में 2019 की शुरूआती 3 तिमाहियों में देश के बैंकों को 1.17 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. कुलमिला कर आधे से ज्यादा मामलों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नजर आ रहे हैं. पहले नंबर पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया  ही आ रहा है. वही उसके पश्चात् बाकी बैंकों का है.

चलिए जानते हैं पूरा मामला 
कई सख्त कदम उठाने के पश्चात् भी बैंकिंग सेक्टर में फ्रॉड के मामले कम नहीं हुए हैं. वही इस मामले में लगातार इजाफा हो रहा हैं. इस बार आरटीआई में खुलासे में यह जानकारी मिली है कि वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल से दिसंबर तक की तिमाहियों में बैंक फ्रॉड के कुल 8926 मामले सामने आए हैं. वही बैंक फ्रॉड की यह रकम 1.17 लाख करोड़ रुपए है. जबकि एक अप्रैल 2019 से 30 सितंबर 2019 की समय अवधि में 95,760.49 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के कुल 5,743 मामले सामने आए माने जाते हैं. इस प्रकार अक्टूबर से दिसंबर के दौरान तिमाही में बैंक फ्रॉड के 3183 मामलों अधिक देखने को मिले हैं. 

यदि हम रकम की बात करें तो समान अवधि में 21250 करोड़ रुपए की राशि का फ्रॉड हुआ है. यह माना जा रहा हैं. इस मामले पर रिजर्व बैंक ने फ्रॉड के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है. आरबीआई की ओर से यह भी नहीं बताया गया है कि बैंकों और कस्टमर को कितना नुकसान हुआ है. यदि माने तो बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते मामलो के चलते ग्राहक अपने धन को सुरक्षित नहीं मनाते हैं आये दिन बैंको में बढ़ते मामलो ने ग्राहकों को पूरी तरह से परेशान कर दिया हैं. इस तरह के फ्रॉड मामलों को ख़त्म करने के लिए मोदी सरकार ने भी नोट बंदी की, पर लगता हैं इसका भी कोई प्रभाव नजर नहीं आ रहा हैं.

Realme की इस सेल में मिल रहा 7,550 रु तक का बेनिफिट्स

भूलकर भी न करें ये गलती, वरना भरना पड़ सकता भारी नुकसान

भारत से चीन घूमने गए शिक्षकों की वापसी पर लगी रोक