देहरादून में बाहर से आने वाली गाड़ियों पर लग सकता है कोविड टैक्स

May 22 2020 05:32 PM
देहरादून में बाहर से आने वाली गाड़ियों पर लग सकता है कोविड टैक्स

देहरादून नगर निगम देहरादून में प्रवेश करने वाले वाहनों से कोविड टैक्स लिए जाने की तैयारी की जा रही है। गुरुवार को निगम की कार्यकारिणी बैठक में बाकायदा आमदनी बढ़ाने संबंधी मामलों में इस टैक्स का सुझाव दिया गया। इसके अलावा देहरादून में बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट बनाये जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।बैठक में अन्य कई सुझाव और प्रस्ताव दिए गए।  नगर निगम में मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय की मौजूदगी में कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस बैठक में नगर निगम की आय बढ़ाने पर विचार विमर्श हुआ। इसमें सबसे महत्वपूर्ण विमर्श देहरादून में वाहनों पर एंट्री टैक्स शामिल रहा। इसे मसूरी में इको टैक्स की तरह लगाया जा सकता है। सभी पार्षदों और सदस्यों ने इसे मुक्तकंठ से सहमति भी दी।

मेयर सुनील उनियाल गामा और आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि इस संबंध में विधिक राय ली जा रही हैं। यही नहीं यह लगाया भी जा सकता है या नहीं इस सब पर चर्चा भी विधि विशेषज्ञों से की जा रही है। इसके बाद ही सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए नगर निगम अब प्लांट लगाने जा रहा है।  इसके लिए गत जनवरी में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया था। इस पर अब कार्यकारणी की बैठक में भी मुहर लग गयी है। मौजूदा समय में एक रिपोर्ट के अनुसार जिले के 97 बड़े अस्पतालों का चिकित्सीय कचरा सड़क पर ही डंप किया जा रहा। इनमें 45 अस्पताल तो शहरी क्षेत्र में हैं।इसके अलावा छोटे-बड़े ऐसे दर्जनों नर्सिंग होम व क्लीनिक हैं, जो अपने कचरे को नगर निगम के कूड़ेदानों में ही डंप कर रहे हैं।

 इससे बचने के लिए अब निगम की ओर से बोर्ड बैठक में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है।वर्तमान में शहर के कुछ अस्पतालों का बायो मेडिकल वेस्ट रुड़की स्थित प्लांट में जाता है। बताया जा रहा कि रुड़की में वर्ष 2003 में प्लांट बनाया गया था और इसकी एनओसी 12 साल के लिए 2015 तक थी। इसके बाद भी फिलहाल कूड़ा वहीं डंप हो रहा है।अब नगर निगम भी कोविड 19 के मरीजों को वार्डों में बने स्कूलों में क्वारंटीन करने की तैयारी में है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से जल्द जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेज कर अनुमति मांगी जाएगी। मेयर सुनील उनियाल गामा की अध्यक्षता में हुई निगम कार्यकारिणी में ये प्रस्ताव पारित हुआ। मेयर के अनुसार ये बात संज्ञान में आई थी कि छोटे घर वाले लोग कोरोना संदिग्ध मरीज को घर में रखने को चिंतित हैं। ऐसे में अब इस व्यवस्था को लागू करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

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