विवाहित होने के बाद भी किसी दूसरे के साथ लिव-इन में रहना अपराध नहीं - हाई कोर्ट

चंडीगढ़: यदि आप वयस्क हैं, पहले से विवाहित भी हैं… तो भी किसी दूसरे/दूसरी के साथ live-in रिलेशन में रह सकते हैं। और यदि आप ऐसा करते हैं, तो आप कोई अपराध नहीं कर रहे होते हैं। विवाहित होने के बाद भी live-in रिलेशन में रहने की यह समाज की परिभाषा नहीं है, बल्कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का फैसला है।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने विवाहेतर संबंधों पर बड़ा फैसला सुनाया है। पंजाब का एक प्रेमी युगल अपनी सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय तक पहुँचा था। यह फैसला इसी मामले में सुनाया गया है। साथ ही अदालत ने याचिका दाखिल करने वाले प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का भी आदेश दिया है। इस पूरे मामले में कानूनी समस्या यह थी कि शादीशुदा होने के बाद भी यह जोड़ा live-in रिलेशन में रह रहा था। और दूसरी समस्या थी पिछले महीने दिया गया इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दिया एक फैसला।

दरअसल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ऐसे ही एक मामले पर कहा था कि live-in रिलेशन में रह रहे ऐसे प्रेमी युगल को सुरक्षा नहीं दी जा सकती है, जिसमें कोई एक भी पहले से विवाहित हो। इसके पीछे इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने देश के सामाजिक ताने-बाने को तर्क में रखा था। राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी गत माह एक फैसला दिया था। फैसले का आधार वही – “इलाहाबाद हाई कोर्ट वाला देश का सामाजिक ताना-बाना” था। अपने फैसले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने विवाहित होने के बाद भी live-in रिलेशन में रहने वाली महिला को सुरक्षा देने से मना कर दिया था।

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