कड़वा सच भी सहना सीख

च्छा है चुप रहना सीख। लेकिन सच भी कहना सीख।
झूठ दूर तक कब चलता है। कड़वा सच भी सहना सीख।
हवा के संग बहता जाता है। अपने पाँव पर रहना सीख।
दिल पत्थर ही ना बन जाये। आँसू बन कर बहना सीख
अगर मज़े से रहना है तो। किसी के दिल में रहना सीख।

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