बदनामी की हद

बदनामी की हद

1. बदनामी की हद
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एक गरीब आदमी प्रतिदिन कागज़ में लिखता.
हे..प्रभु, मुझे ₹50000/- भेज दो औऱ गुब्बारे में लिखकर उडा देता.
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वो गुब्बारा, पुलिस थाने के ऊपर से गुजरता और पुलिस कर्मी उस गुब्बारे को पकड़ कर वो पर्ची पढते और
उस आदमी के भोलेपन पर हंसते.
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एक दिन पुलिस कर्मियों ने सोचा कि क्यों ना उस गरीब आदमी की मदद की जाए.
पुलिस कर्मियों ने मिलकर ₹25000/- जमा किये और उस व्यक्ति को उसके घर जाकर दे आये.
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दूसरे दिन, पुलिस कर्मियों ने जब गुब्बारा रोक कर पर्ची पढ़ी तो होश उड़ गए उसमें लिखा था...!
प्रभु.. आपके द्वारा भेजे गए पैसे तो मिल गए. लेकिन आपको पुलिस कर्मियों के हाथ नहीं भेजने चाहिए थे.
कमबख्त ₹25000/- खा गए.

 

 


2. आप करें न करें याद हम को
हम आप को याद करेंगे
मोबाइल के साथ दफनाना
नेटवर्क मिलेगा तो कब्र से भी sms बिंदास करेंगे.

 

 


3. एक आदमी ने टूटते हुए तारे को देखकर
बीबी से लड़ने की शक्ति माँगी
 
तारा वापस जुड़ गया

बीमार बीवी की शायरी
तबीयत खराब थी,
ना कोई दवा, न कोई ताबीज काम आया,
फ़ोन कर के पति से लड़ी,
फिर जाकर थोड़ा आराम आया....


पहला पैग-
भाई, I am settled in life, 
Good Package, 
Good Incentive, 
Good Bungalow, 
Company Vehicle with Driver, 
only what I am not getting is the Time to enjoy with my Friends


चौथा पैग-
यार, कुत्ता बना  रखा है, कुत्ता 
हरामजादों ने....

इस देश में इस्तेमाल किए जाते हैं सबसे ज्यादा कंडोम

जब इस आदमी के हाथ हुए कानों से भी लम्बे

प्रोफ़ेशनल फ़ोटोग्राफर्स ने दिखाया अपने शातिर दिमाग का नमूना