जमाना वीरान है

जमाना वीरान है

हर अक्ष में तुम मुझे पाओगे।

अपनी सास में मुझे ढूढ पाओगे।

जब याद आएगी तुम को मेरी।

हर मूरत को चाहत से देखा करोगे।

आज मुझे तुम ठुकरा रहे हो।

कल मेरी बात पे रोया करोगी।

तेरे प्यार में हम सब कुछ भूल गए।

तेरे प्यार में हम किसी को अपनाना भूल गए।

लगता है ये जमाना वीरान हमें,

जैसे गार्डन में फूल महकना भूल गए।

तुमसे प्यार है बताया मेने इस जहा को,

सिर्फ तुमको बताना भूल गए।