इंतजार की हद

By Rahul Savner
Oct 02 2015 02:00 PM
इंतजार की हद

व्यक्ति हो गया है एक दुकान की तरह

बिकता है प्यार सामान की तरह

मुखोटा पहन कहते है पहचानो हमें

दिखता है इंसान भेड़िये की तरह

उस वक्त इंतजार का आलम न पूछियेगा

जब प्यार कह रहा हो, जा रहा हूँ मैं

थक गए हम उनका इंतजार करते करते

मर गए हम उनसे इजहार करते करते