इंदौर में जल्द अनिवार्य होगा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र

Nov 21 2020 12:25 PM
इंदौर में  जल्द अनिवार्य होगा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र

वायु प्रदूषण रोकने के लिए इंदौर संभाग के सभी पेट्रोल पंपों पर वाहनों का प्रदूषण जांचने के लिए पीयूसी चेकअप की चलित मशीन लगाई जाएंगी। यह मशीनें 31 दिसंबर तक लगाना तय किया गया है। मशीनें लगाने का काम सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों एचपीसीएल, आईओसीएल, बीपीसीएल के अलावा रिलायंस पेट्रोल और अवंतिका गैस द्वारा किया जाएगा। वाहन चालकों को हर तीन महीने में पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) प्रमाण-पत्र लेना अनिवार्य होगा।

प्रदूषण नियंत्रण को लेकर शुक्रवार को संभागायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक में यह तय किया गया। कमिश्नर डॉ. पवन शर्मा ने आरटीओ जितेंद्र रघुवंशी को निर्देश दिए कि व्यावसायिक वाहनों की नियमित जांच की जाए। एआईसीटीएसएल से कहा गया कि सिटी बसों (65 बसों) को डीजल की जगह सीएनजी से चलाया जाएगा। शहर में चल रही इलेक्ट्रॉनिक बसों के लिए 76 नए चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे।

वाहन पराली जलाने और होटलों के तंदूर से भी फैल रहा प्रदूषण: प्रदूषण निवारण मंडल के क्षेत्रीय प्रंबधक आरके गुप्ता ने कहा कि दीपावली के अवसर पर पटाखे फोड़ने से इंदौर शहर में प्रदूषण बढ़ा है। इसे जन सहयोग से नियंत्रित करने की जरूरत है। जन सहयोग से ही प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इंदौर संभाग में वाहनों के कारण, किसानों द्वारा पराली जलाने और शहरी क्षेत्र में होटलों में तंदूर जलाने से प्रदूषण फैल रहा है। इस पर नियंत्रण की जरूरत है। इंदौर शहर में जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकने की जरूरत है। वर्तमान में एयर क्वालिटी इंडेक्स 190 है, जो कि खराब श्रेणी में आता है। पिछले पांच साल में इंदौर में ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी आई है।

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