भारतीय-अमेरिकी डॉ. थिरुमाला-देवी कन्नेगंती ने कोरोना से बचने के लिए ढूंढा कल्पनाशील उपाय

Nov 21 2020 12:15 PM
भारतीय-अमेरिकी डॉ. थिरुमाला-देवी कन्नेगंती ने कोरोना से बचने के लिए ढूंढा कल्पनाशील उपाय

एक भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक और वैज्ञानिक COVID-19 के साथ पहचाने गए पीड़ितों में अपने जीवन के लिए खतरा जलन, फेफड़ों को नुकसान और अंग विफलता को बचाने के लिए एक संभावित रणनीति पर आ गया है। पत्रिका मोबाइल के भीतर पता चला, टेनेसी में सेंट जूड यंगस्टर्स एनालिसिस मेडिकल संस्थान में चल रहे भारतीय मूल के शोधकर्ता डॉ. थिरुमाला-देवी कन्नुग्नि की लैब से आये विश्लेषण ने हाइपर होने का पता चलने के बाद दवा को मान्यता दी। भड़काऊ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया जो कि COVID-19 से संबंधित है, भड़काऊ मोबाइल डेमेज रास्ते को ट्रिगर करने के माध्यम से चूहों में ऊतक हानि और बहु-अंग विफलता में समाप्त होती है।

शोधकर्ताओं ने विस्तार से बताया कि भड़काऊ सेल डेथ सिग्नलिंग मार्ग कैसे काम करता है, जिसके कारण प्रक्रिया को बाधित करने के लिए संभावित उपचार हो सकते हैं। सेंट ज्यूड डिपार्टमेंट ऑफ इम्यूनोलॉजी के वाइस-चेयरमैन डॉ. काननेज़ेंटी ने कहा, "इस सूजन को समझने वाले रास्ते और तंत्र को प्रभावी उपचार रणनीतियों को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण है।"

तेलंगाना में डॉ. कन्नुग्नि का जन्म और पालन-पोषण हुआ करता था। उन्होंने वारंगल के काकतीय कॉलेज में स्नातक स्तर हासिल किया, जिस स्थान पर उन्होंने रसायन विज्ञान, जूलॉजी और वनस्पति विज्ञान में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भारत के उस्मानिया कॉलेज से अपनी M.Sc और पीएचडी हासिल की। वह सेंट जूड, मेम्फिस, टेनेसी में शामिल हो गए।

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