भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत : सिन्हा

भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत : सिन्हा

नई दिल्ली : भारतीय रिज़र्व बैंक की तरफ से नीतिगत ब्याज दरों में कटौती को लेकर वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने भी वकालत की है. उनका यह कहना है कि मौद्रिक नीतियों पर फैसला करते वक़्त केंद्रीय बैंकों को महंगाई के साथ ही बाजार के अन्य सभी कारकों को ध्यान में रखना चाहिए.साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पूंजी के साथ ही मैन्यूफैक्चरिंग की लागत को भी कम किया जाना चाहिए और इसके साथ ही यह भी कहा है कि भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत है.

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि फ़िलहाल देश की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान से बहुत ही कम है. गौरतलब है कि RBI के द्वारा 29 सितम्बर को इस वित्त वर्ष के लिए द्विमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा करने वाला है. इसके साथ ही थोक मुद्रास्फीति को लेकर शून्य से निचे का स्तर और सकल घरेलु उत्पाद को भी ध्यान में रखा जाना है. साथ ही जानकारी में यह बात सामने आई है कि नीतिगत दरों में कटौती की मांग की जा रही है जोकि पहले ही इस वर्ष की पहली तिमाही में 7 प्रतिशत रह गई है. सिन्हा का कहना है कि RBI को मौद्रिक नीति पर निर्णय लेते हुए इन सभी बातों का ध्यान रखना होगा.