कोरोना से जुड़ी फेक न्यूज को तुरंत पकड़ लेगा यह ऐप

भारत के आईआईटी अपने अनोखे शोध के जरिए कोरोना से लड़ाई में अच्छी मदद कर रहे हैं. इसी क्रम में आईआईटी कानपुर ने ऐसे ऐप का निर्माण किया है, जो कोरोना के बारे में फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों का खुलासा करने में आपकी मदद करता है. इस ऐप को बनाने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि हम कोरोना महामारी के साथ-साथ गलत सूचना से भी जूझ रहे हैं. ऐसे में यह ऐप आपकी इस दुविधा को हल करने का काम करता है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर स्वप्रभ नाथ, बीएसबीई विभाग के प्रो. हामिम जाफर की देखरेख में छात्र अंकुर गुप्ता, नित्या मत्तेनेनी, यश वरुण व प्रार्थना दास ने असली और नकली खबरों के बीच अंतर बताने वाला एक सिस्टम तैयार किया है. वही, प्रोफेसर स्वप्रभ नाथ और हामिम जाफर ने बताया कि सत्यान्वेषी नंबर आधारित सूचना प्रणाली नहीं है. यह उपयोगकर्ता द्वारा दर्ज की गई क्वेरी को पढ़ता है, क्वेरी के इरादे और संदर्भ को समझता है, सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया की खोज करता है. उदाहरण के लिए, यदि कोई एक संदेहास्पद संदेश भेजता है तो यह ऐप उसके तथ्यों की जांच करता है. यदि वह किसी खबर के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह उसे मुहैया कराता है.

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अगर आपको नही पता तो बता दे कि यह अन्य फैक्ट-चेकिंग चैटबॉट से भी अलग है, क्योंकि ऐसे फैक्ट-चेक सामान्य जानकारी या समाचार लेख प्रदान नहीं करते हैं. साथ ही जब आप किसी सवाल को लिखते हैं तो सत्यान्वेषी कई फैक्ट चेक वेबसाइट की जांच करता है. यह उनकी रेटिंग और यूआरएल के साथ परिणाम दिखाता है, ताकि आप उस समाचार संदेश के बारे में आश्वस्त हो सकें, जो आप पढ़ रहे हैं.

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