भयंकर आवाज से हिला बेगलुरू, घरों की खिड़कियां और दरवाजों में आया भूचाल

बुधवार की दोपहर को बेगलुरू में बेहद धमाकेदार आवाज से लोगों में दहशत बढ़ गई थी. आवाज इतनी भयंकर थी कि घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक जोर-जोर से हिलते नजर आए. हालांकि अधिकारियों ने किसी भी तरह का भूकंप आने की आशंका से इनकार किया है. यह भंयकर आवाज बेंगलुरु के कई हिस्सों में सुनी गई है. केम्पगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लेकर केंगरी और इलेक्टि्रकानिक सिटी तक सुनी गई. कई लोगों के मन में भय बैठ गया था कि यह हल्का भूकंप होगा. 

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घटना के बाद अपने बयान में कर्नाटक की आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के आयुक्त कमिश्नर मनोज राजन ने बताया कि यह कोई भूकंप नहीं है और इस संबंध में पूछताछ की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि बेंगलुरु के आसपास ग्रेनाइट का खनन किए जाने के चलते यह गर्जना हुई हो सकती है. हालांकि रात को रक्षा मंत्रालय ने इस रहस्‍य से पर्दा उठा दिया. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय वायुसेना के एक एयरक्राफ्ट के सुपरसॉनिक हो जाने से यह आवाज पैदा हुई थी. रक्षा मंत्रालय के पीआरओ ने ट्विट कर बताया कि विमान ने ब्लुरु एयरपोर्ट से उड़ान भरी और शहर की सीमा से होते हुए मंडराया. 

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इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता की मानें तो वायुसेना का उक्‍त विमान परीक्षण उड़ान पर था. बेंगलुरु के लोगों ने जिस आवाज को सुना वह संभवत: वस उस वक्त हुई होगी जब विमान अपनी रफ्तार कम करते हुए सुपरसॉनिक से सबसॉनिक स्पीड मोड में जा रहा था. समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इसकी ऊंचाई 36 हजार से 40 हजार फीट के आसपास रही होगी. प्रवक्ता ने बताया कि जिस वक्त ये आवाज सुनाई दी उस समय विमान शहर की सीमा के बाहर था. प्रवक्‍ता की मानें तो किसी सुपरसॉनिक विमान के सॉनिक बूम की आवाज तब भी सुनी जा सकती है, जबकि वह सुनने वाले शख्‍स से 65 से 80 किलोमीटर दूर हो. 

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