हर ऐक गम निचोड़

र ऐक गम निचोड़ के,
हर ऐक रस जिये..
दो दिन की जिंदगी मे,
हजारों बरस जिये..
सदियों पे अखतियार नहीं था हमारा ,
दोस्त 
दो चार लमहें बस मे थे,
दो चार लमहें बस हंस के जी लिए..!!!

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