एक वृक्ष को पालना, पांच पुत्रों को पालने के बराबर

Sep 05 2015 11:19 PM
एक वृक्ष को पालना, पांच पुत्रों को पालने के बराबर

जयपुर : राजस्थान के चूरू जिले के प्रभारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि एक वृक्ष को पालना पांच पुत्रों को पालने के बराबर है, इस कार्य में हर व्यक्ति को अपनी महती भूमिका अदा करना आज की जरूरत है। चिकित्सा मंत्री शनिवार को चूरू जिला मुख्यालय पर नेचर पार्क में वन विभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण एवं ग्रीन गैसों के उत्सर्जन के कारण पर्यावरण असंतुलन में निरंतर वृद्घि हो रही है, इस असंतुलन की प्रभावी रोकथाम के लिए वन क्षेत्र को बढ़ाकर प्रकृति को सहज रखना हमारी महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित मापदण्डों के अनुसार 33 प्रतिशत वन क्षेत्र होना आवश्यक है लेकिन राजस्थान राज्य में 8 प्रतिशत एवं चूरू जिले में 4.8 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए चिंता का विषय है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि चूरू शहर में 8 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से नेचर पार्क राजस्थान में प्राकृतिक दृष्टि से एक मिसाल होगा जिसका आगामी एक वर्ष में पूर्णरूप से निर्माण होने से हमारी स्थानीय वनस्पतियों का संरक्षण एवं संवद्र्घन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अपने पूर्वजों के नाम से पेड़ लगाकर उनकी नियमित देखभाल करने तथा समय-समय पर उन पेड़ों के पास खड़े होकर अपनापन जताने से खूब सुकून मिलेगा।

उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारी भूली-बिसरी यादों को जिंदा करते है तथा पेड़ों को पालना मानवीय धर्म एवं कर्म है। उन्होंने कहा कि आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने पूर्वजों के नाम से एक-एक पेड़ जरूर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक नेचर पार्क को विकसित बनाने में आमजन से सहयोग प्राप्त करें।