बढ़ाया जाना चाहिए फ्लाई एश का उपयोग

भोपाल : बिजलीघरों से निकलने वाली राख का भंडारण मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ता ही जा रहा है जिसके तहत सरकार ने भी इस राख को लेकर उपयोग मे भी तेजी का काम तेज कर दिया है. इसमें सरकर के द्वारा यह कहा जा रहा है कि इस राख का उपयोग प्रदेश में कार्यरत ताप विद्युत गृह की 100 किलोमीटर परिधि वाले जिलों में भवन और सड़क निर्माण के लिए किये जाने वाले कार्यों में किया जाना है इसके साथ ही यहाँ मिट्टी से बनने वाली ईंट के कारखानों पर रोक भी लगाने के निर्देश है.

इसके अलावा यह बात भी सामने आई है कि राज्य के नगरीय विकास और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव के द्वारा इस राख को लेकर सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र लिखा जा चूका है. इस पत्र में यह कहा गया है कि प्रदेश में फ़िलहाल चल रहे ताप विद्युतगृहों में 1 करोड़ मीट्रिक टन राख का उत्पादन बीते वर्ष में हुआ है, जिसमे से 50 फीसदी राख का उपयोग ईंट बनाने और अन्य कार्यो के लिए किया गया है. ऐसे में इस राख के उपयोग के लिए अभियान चलाया जाना बहुत ही जरुरी है.

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