तशरीफ़ को शेप में लाने के लिए यह व्यायाम करे

तशरीफ़ को शेप में लाने के लिए यह व्यायाम करे

तशरीफ़ या हिप थ्रस्‍ट वो कसरत है, जिसे करने वालों की जींस, जीसं की तरह लगती है किसी पैंट की तरह नहीं. आप चाहे लड़की हों या लड़का शेप तो सबको चाहिए. पिचके हुए हिप्‍स किसी के अच्‍छे नहीं लगते. तशरीफ़ का साइज और शेप बनाने के लिए वैसे तो स्‍क्‍वेट सहित तमाम कसरते हैं मगर ये वो अकेली कसरत है बिल्‍कुल 100 फीसदी तशरीफ़ पर टारगेट करती है. इसे करना बेहद आसान है. इस कसरत को सप्‍ताह में दो से तीन दिन कर सकते हैं. जिस दिन पैरों की कसरत करें, उस दिन आखिर में हिप थ्रस्‍ट करें.

इस कसरत को तीन जगहों पर किया जा सकता है. बेंच पर, स्‍टैपर पर और जमीन पर. सबसे पहले तो आप ये तय करें कि आपको हिप थ्रस्‍ट कहां करनी है. हमारी सलाह है कि शुरू में स्‍टैपर पर करें. लंबी रॉड लें और उसमें बड़ी प्‍लेटें लगाएं ताकि वेट को जमीन पर आसानी से टिका पाएं. रॉड पर मोटा तौलिया लपेट लें. रॉड के नीचे इस तरह से आएं कि रॉड आपके कूल्‍हे की हड्डी पर टिक जाए. रॉड आपकी नाभि से नीचे रहेगी.

पैर सामने की तरफ करीब 90 डिग्री के एंगल पर मुड़े रहेंगे और दोनों पैरों के बीच कुछ दूरी रहेगी. पैर बहुत ज्‍यादा न खोलें और बहुत कम भी नहीं. पंजों को सामने की ओर रखना जरूरी नहीं, बाया वाला हल्‍का बाईं और दाया वाला हल्‍का दाईं ओर जा सकता है. रॉड को दोनों हाथों से पकड़े रखें और कंधों व पंजों को टिकाए रहें और हिप्‍स को ऊपर उठाएं. हिप्‍स को ऊपर उठाकर उन्‍हें पूरी तरह से सिकोड़ना है. उनसे ताकत लगानी है वेट को थामने और उठाने में. यहां एक से दो सेकेंड रुकें और फिर नीचे की ओर जा जाएं. वेट को पूरी तरह नीचे न रखें.

कमर में न तो घुमाव पड़ना चाहिए या गड्ढा बस सीधी रहे. कमर कितनी ऊंची उठेगी ये इस बात पर डिपेंड करता है कि आप इसे कर कहां रहे हैं बेंच पर करेंगे तो कमर की ऊंचाई कंधों से ऊपर नहीं जा पाएगी. स्‍टैपर पर या जमीन पर करेंगे तो जाहिर सी बात है कमर की ऊंचाई कंधों से ज्‍यादा रहेगी. कोशिश करें कि आपकी ठोडी उर्फ चिन गर्दन से न लगे. अगर आप इस कसरत को बेंच पर करेंगे तो आपको कोहनिंयों से भी ताकत मिलेगी. पांच छह बार करने के बाद आपको हिप थ्रस्‍ट समझ में आ जाएगी तब आपको रॉड पर तौलिया लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. वेट उतना लगाएं जितने में आप 5 से 12 रैप निकाल सकें.