सूर्यास्‍त के बाद भूलकर भी दान में न दें ये चीजें, वरना हो जाएंगे कंगाल

सनातन धर्म तथा ज्‍योतिष में सामान्य रूप से सभी व्रत-त्‍योहार तथा विशेष अवसरों पर दान करने पर बेहद जोर दिया जाता है। दान-पुण्‍य के बगैर ईश्वर की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। इसके साथ-साथ अलग-अलग अवसरों के लिए दान करने की चीजें भी बताई गई हैं मगर सूर्यास्‍त तथा उसके पश्चात् का वक़्त ऐसा होता है, जब कुछ चीजों का दान करना अनिष्‍ट को आमंत्रित करने जैसा होता है। शाम को इन चीजों का दान करने से घर में दरिद्रता आती है। 

शाम को गलती से भी इन चीजों का न करें दान:- 

- कई मनुष्यों में दूसरों से चीजे मांगकर पहनने की आदत होती है। ज्‍योतिष के अनुसार, कभी भी दूसरों के कपड़े, जूते, घड़ी आदि नहीं पहनना चाहिए। इससे उस मनुष्य की नकारात्मक ऊर्जा आप में चली जाती है। इससे ऊर्जा की दिक्कत भी हो सकती है। अगर सामान ले भी लिया है तो शाम के वक़्त न लौटाएं। विशेष तौर पर घड़ी कभी भी शाम को न लौटाएं। अगर कोई आपसे आपकी घड़ी मांगे तो भी शाम को न दें, नहीं तो कठिनाई में पड़ सकते हैं। 

- सूरज ढलने के पश्चात् कभी किसी को उधार भी न दें। कहा जाता हैं कि मां लक्ष्‍मी शाम के वक़्त ही घर पर आती हैं इसलिए उधार देने के लिए यह अनुचित वक़्त है। नहीं तो घर में दरिद्रता आ सकती है। 

- शाम के वक़्त दान में या अड़ोस-पड़ोस में खट्टी चीजें जैसे- दही, अचार आदि किसी को न दें। इससे आपके घर की लक्ष्‍मी उनके घर चली जाती है। 

- सूर्यास्‍त के पश्चात् किसी को दान में नमक तथा हल्‍दी न दें। इससे धन हानि हो सकती है। 

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