गर्भावस्‍था के दौरान स्‍वस्‍थ रहने के लिए करें सांस के व्‍यायाम

गर्भावस्‍था के दौरान स्‍वस्‍थ रहने के लिए करें सांस के व्‍यायाम

गर्भावस्‍था के दौरान फिट रहना बहुत जरुरी है इससे बच्‍चा भी स्‍वस्‍थ रहता है। दोनों को स्वस्थ रहने के लिए गर्भावस्‍था के दौरान व्‍यायाम करना चाहिए। सांस संबंधित व्‍यायाम जरूर करना चाहिए क्योंकि इससे बच्‍चे को पर्याप्‍त मात्रा में आक्‍सीजन मिलती है और बच्‍चे के पूर्ण विकास के लिए भी जरूरी हैं। सांस के व्‍यायाम से सांसों की बीमारियां भी नहीं होती हैं। तो जानिए गर्भावस्‍था मे सांसों के कौन-कौन से व्‍यायाम करना चाहिए। 

1. पेट से सांस लेना चाहिए इसे बैली ब्रीदिंग भी कहते हैं। पैरों को मोड़कर आराम से बैठ जाइए। अब पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। अपने एक हाथ को पेट पर रखें और दूसरा इसके ऊपर रखें। अब निचले हिस्से से गहरी सांस लें और पेट मे हवा भरकर 8 तक गिनती गिनें फिर धीरे-धीरे सांसों को छोड़ते जाए। इस व्‍यायाम को रोजाना 10 मिनट करें।

2. अब सीधे खड़े हो जाइये और पैर को एक-दूसरे के सामानांतर रखेँ। मुह बंद कर के 10 तक गिनते हुए गहरी सांस लीजिए और धीरे से हाथों को छाती पर रखें। सांस लेने के साथ ही अपने हाथों को फैलायें। फिर आराम से सांसों को छोड़ें। लेकिन ये ध्यान दें की जितना समय आप सांस लेने में लगा रहे है उतना ही सांस छोड़ने में लगायें। व्यायाम को 10 बार कीजिए। लेकिन सातवें महीने में इसे आराम से ही करें।

3. उथले सांस को शैलो ब्रीदिंग भी कहते हैं। इसे कुछ मिनट के लिए ही करना चाहिए है। यह फेफड़ों के लिए बहुत अच्‍छा व्‍यायाम होता है। घुटनों को मोड़े और पीछे की ओर झुक जाए और पैरों को सामानांतर रखे और लास्ट मे सीधे खड़े हों जायें। अब अपना मुह पूरा खोलें और जल्‍दी-जल्‍दी सांस लें। दिन में इसे 5 मिनट के लिए करें।

4. अब आरामयक स्थिति में बैठ जाएं और पैरों को मोड़ लें या फिर आप खड़े भी रह के कर सकते है। पहले तो पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें और गहरी सांस लें और कुछ सेकण्ड्स के लिए इस स्थिति में ही रहें। अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते जाए। फिर अपना मुंह चौड़ा खोलें और 5 तक गिनते हुए हवा अंदर खीचें।