दिनभर मुझे रुलाते हो

ींद मुझे न आती है तो कैसे तुम सो जाते हो,
मेरे जायज़ सवालों पे तुम चुप कैसे हो जाते हो,
दिनभर मुझे रुलाते हो बस ये बता दो किस हक से,
तुम पत्थर दिल हो जाते हो बस ये बता दो किस हक से..

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