दर्द़ की सौगात ले आया हूँ

ैं अपने साथ तेरी बात ले आया हूँ!
जिन्द़गी भर की मुलाकात ले आया हूँ!
मुझको खबऱ नहीं है शाम और सहर की,
दिल में हर दर्द़ की सौगात ले आया हूँ!

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