बारिश में तेजी से फैलता है चिकनगुनिया, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। इस मौसम में चिकनगुनिया, डेंगू, बैक्टीरियल इनफेक्शन, स्किन इन्फेक्शन जैसी कई बीमारियों के होने का खतरा अधिक हो जाता है। जी दरअसल मानसून के मौसम में जल भराव और गंदे पानी के कारण डेंगू और चिकनगुनिया से बचने के लिए सतर्कता की ज़रूरत होती है। सामने आने वाली एक रिसर्च के अनुसार, चिकनगुनिया मच्छर के काटने से शरीर में होने वाले एक वायरस का नाम है, जिसके कारण बरसात में अधिकतर लोग बीमार पड़ते हैं। आपको बता दें कि चिकनगुनिया का शुरुआती लक्षण बुखार हो सकता है और यह रोग मादा एडीज मच्छर से पनपता है, जो कि आम मच्छरों से काफी अलग और खतरनाक साबित हो सकता है। जी हाँ और यह अक्सर दिन की रोशनी में काटते हैं, इस वजह से सुबह और दिन के बाद आपको मच्छरों से ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। अगर आपको चिकनगुनिया के कोई भी लक्षण दिखें, तो बिना लापरवाही किए तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। आइए बताते हैं चिकनगुनिया के लक्षण और इससे बचाव के तरीके।

चिकनगुनिया के लक्षण- चिकनगुनिया कोई आम बुखार नहीं होता है। आप इन्हें हड्डी तोड़ बुखार भी कह सकते हैं। जी दरअसल चिकनगुनिया के कई लक्षण होते हैं, जिनमें सबसे शुरुआती लक्षण तेज बुखार होना हो सकता है। चिकनगुनिया में बुखार 102 डिग्री सेल्सियस से लेकर 104 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। जी हाँ और इसमें बुखार हफ्ते भर या 10-15 दिनों तक भी बना रह सकता है। केवल यही नहीं बल्कि इसमें आपको उल्टियां भी हो सकती हैं। इसी के साथ जोड़ों में तेज दर्द इस बीमारी का सबसे प्रमुख लक्षण होता है। इसी के साथ दर्द के साथ आपको सूजन भी आ सकती है। हालाँकि ज़रूरी नहीं है कि हर किसी के शरीर पर चिकनगुनिया से रैशेज हों, लेकिन कई लोगों को रैशेज और उनमें खुजली होती है।

चिकनगुनिया से बचाव के उपाय- बरसात के मौसम में आपको ध्यान रखना है कि घर के अंदर, बाहर और आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। इसके अलावा रसोई घर में पानी के बर्तनों को खुला ना छोड़ें, हमेशा ढक कर रखें। इसी के साथ किचन और वॉशरूम की सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्हें गिला ना छोड़ें। खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छरों से बचाव के लिए जाली अवश्य लगवाएं और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। इसी के साथ शरीर पर मच्छरों को दूर रखने के सप्लीमेंट इस्तेमाल करें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। इसके अलावा कूलर और गमले का पानी प्रतिदिन बदलते रहें, ताकि उनमें मच्छर ना पनप पाएं। इसी के साथ घर के अंदर नीम की सूखी पत्तियों को जलाकर धुआं दे सकते हैं और घर के आसपास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव काराने से मच्छरों का खतरा कम हो सकता है। इसके अलावा सप्ताह में 1 दिन पानी की टंकी को खाली कर सफाई के बाद सुखाकर प्रयोग करें।

चिकनगुनिया का इलाज- अगर आपको चिकनगुनिया का कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो सबसे पहले आपको अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपना ब्लड टेस्ट करवा करवाना चाहिए। जी दरअसल चिकनगुनिया किसी खतरनाक महामारी से कम नहीं है, क्योंकि इससे हर साल काफी लोगों की मौतें होती हैं।

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