ब्रिटिश कोर्ट में उलझा माल्या के प्रत्यर्पण का मामला

नई दिल्ली। ब्रिटेन के वित्तमंत्री फिलिप हैमंड भारत दौरे पर हें इस दौरान उन्होंने भारत के वित्तमंत्री अरूण जेटली से भेंट की। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई और दोनों ने ही कई मसलों पर एक दूसरे से बात साझा की लेकिन दोनों के बीच विजय माल्या समेत अन्य लोगों के प्रत्यर्पण को लेकर भी चर्चा हुई। भारत सरकार ने इस मामले में कहा कि ब्रिटेन से विजय माल्या के प्रत्यर्पण की मांग की गई थी। मगर सरकार ने कहा है कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला ब्रिटिश कोर्ड में पेंडिंग है।

इस पर न्यायालय कोई निर्णय लेगा इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। इस मामले में फाइनेंस मिनिस्टर हैमंड ने कहा कि फाइनेंशियल क्राइम से जुड़े लोगों के प्रत्यर्पण के मसले पर सरकार तब तक कुछ नहीं कर सकती जब तक न्यायालय इसमें कोई निर्णय नहीं दे देता है। गौरतलब है कि विजय माल्या पर बैंक के 9 हजार करोड़ रूपए चुकाने का आरोप है। इतना ही नहीं प्रिवेंशन आॅफ मनी लाॅन्ड्रिंग एक्ट से जुड़े मसले पर मुंबई के विशेष न्यायालय में माल्या को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

दरअसल विजय माल्या नोटिस के बाद भी कई बार पेश नहीं हुए। इसके बाद केंद्र सरकार ने विदेश जा चुके माल्या को भारत लाने के लिए ब्रिटिश सरकार से भी चर्चा की थी। गौरतलब है कि भारत ओर ब्रिटेन के बीच 1992 में म्यूचुअल लीगल असिस्टेंट ट्रीटी हुई है जिसे सरकार द्वारा उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत दोनों देश एक दूसरे के आरोपियों को जो कि इन देशों से भागकर परस्पर एक दूसरे के देश में चले गए हों उन्हें हैंडओवर कर सकते हैं।

विजय को ग्यारह मुल्कों की पुलिस ढूंढ रही थी

विजय माल्या की शराब फैक्ट्री पर लगा ताला

विजय माल्या का सन्धि विच्छेद

 

 

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