इस देश के विज्ञापन ने कहा 'अपने सैनेटरी पैड्स खुद बनाओ'

इस देश के विज्ञापन ने कहा 'अपने सैनेटरी पैड्स खुद बनाओ'

देश में सैनेटरी पैड्स को सस्ते करने के लिए कई तरह उपाए किये जा रहे हैं ताकि महिलाओं को उन दिनों में मुश्किल का सामना ना करना पड़े. देश में महिलाओं और लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के विज्ञापन बनाये जा रहे हैं. लेकिन महंगाई के कारण बहुत सी महिलाएं सैनेटरी पैड्स खरीद नहीं पाती जिसके कारण उन्हें राख, अख़बार जैसी चीज़ों का इस्तेमाल करना पड़ता है. लेकिन  ऐसा ही हमारा देश नहीं है बल्कि ब्रिटेन में भी कुछ ऐसा ही हाल है

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ब्रिटेन में भी सैनेटरी पैड्स महंगे होने के कारण वहां की महिलाएं उन्हें खरीद नहीं पाती. ये कह सकते हैं कि ब्रिटेन में भी महिलाओं को पीरियड्स की ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. ब्रिटेन में भी महिलाएं पीरियड के दौरान अखबार, टॉयलेट पेपर या मोजे को सैनेटरी पैड की तरह इस्तेमाल करती हैं. इसी को देखते हुए 'हे गर्ल्स' नाम की कंपनी ने ब्रिटेन में पीरियड के दौरान गरीबी का सामना करने वाली लड़कियों के दुःख को सामने रखा है जिसमें कम्पनी के मालिक सेलिया हडसन का कहना है कि 'पीरियड्स के दौरान गरीबी या माहवारी से जुड़े प्रोडक्ट्स के अभाव में कई लड़कियां स्कूल नहीं जा पाती हैं.'

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इतना ही नहीं सभी को लगता है ऐसा सिर्फ भारत में होता है लेकिन ब्रिटिसग वीमेन भी इस दौर से गुज़र रही है. जहां ये देश हर काम में आगे है वहीं सैनिटरी पैड्स के मामले में ये अभी पिछड़ा हुआ है. ब्रिटिश समाज और मीडिया की सोच पर हडसन कहती हैं कि 'हर कोई सोचता है कि ऐसा भारत और अफ्रीका में होता है, वे हमारी लड़कियों के बार में नहीं सोचते.' वहीं अपने विज्ञापन में सैनेटरी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी ने लोगों को ये भी कह दिया है कि 'अपने सैनेटरी पैड्स खुद बनाओ.' ये कंपनी एक सामाजिक सरोकार से जुडी है जो एक पैकेट बेचने पर गरीब लड़की को एक सैनेटरी पैड मुफ्त में भी देती है.

कंपनी चाहती है कि ब्रिटेन के सुपरमार्केट उसके प्रोडक्ट बेचें ताकि इससे गरीब लड़कियों का फायदा हो और एक एक सर्वे में ये पता चला है कि ब्रिटेन में 10 फीसदी लड़कियां गरीबी के कारण सैनेटरी पैड नहीं खरीद पाती.

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