बिहार के चुनावी समर में वाम दलों के कूदने की तैयारी

बिहार के चुनावी समर में वाम दलों के कूदने की तैयारी

पटना : बिहार चुनाव को लेकर जहां भाजपा, सपा, बसपा और अन्य दल अपनी तैयारियों में लगे है, वहीँ अब इस मैदान में वामदल भी उतर आए हैं। वाम दलों ने खुद को यहां तीसरे विकल्प के तौर पर मजबूती से पेश किया है। उनका कहना है कि जदयू, आरजेडी और भाजपा के बावजूद यहां के लोगों को स्वस्थ्य राजनीति की बात खलती है और यहां लोगों का शोषण हो रहा है। विकास के यहां कई मायने हैं। ऐसे में उनका कहना है कि वे यहां अच्छा कार्य कर सकते हैं। यही नहीं इस चुनावी रण में भाकपा, माकपा, भाकपा - माले, आरएसपी, फारवर्ड ब्लाॅक और एसयूसीआईसी के नेताओं द्वारा पटना में संयुक्त रूप से वैकल्पिक दावेदारी की घोषणा की जाएगी।

सीपीआई के पूर्व महासचिव एबी बर्धन इसके लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि भाकपा और माकपा संयुक्त रूप से 85-85 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं, ऐसे में जनता परिवार का वोट बैंक फिर बंट सकता है और फिर भाजपा को बिहार में लाभ मिल सकता है। हालांकि इस बात में भी संभावना कम नहीं है कि वाम दलों का यह गठबंधन जनता परिवार को समर्थन देने की बात कहे। हालांकि इससे बिहार का चुनाव और दिलचस्प होगा और कई पार्टियों के वोट एक दूसरे से कट जाऐंगे। वाम दलों द्वारा कहा गया है कि एसयूसीआई और फाॅरवर्ड ब्लाॅक के साथ आरएसपी 20 सीटों पर निर्वाचन लड़ेगी।