रामपुर लोकसभा सीट: बदजुबानी के बाद भी जीत गए आज़म, क्या मुस्लिम समीकरण रहा हावी

रामपुर: 2019 लोकसभा चुनाव के परिणाम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रचंड बहुमत मिला। हालांकि, उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट भाजपा के खाते में नहीं आई। यहां से समाजवादी पार्टी (सपा)-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन के उम्मीदवार आजम खान ने यह सीट अपने नाम की है। आजम की जीत के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी बदजुबानी के किस्सों का भी जमकर उल्लेख किया। 

वहीं, भाजपा उम्मीदवार रहीं जया प्रदा ने हार मिलने के बाद कहा कि मैं विपक्ष की सहायता करने वालों के बारे में पार्टी के हाईकमान को बताऊंगी। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि रामपुर लोकसभा सीट पर मोहम्मद आजम खान ने 1,09,997 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। यहां पर उनका मुख्य मुकाबला भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा से था। जया प्रदा को रामपुर लोकसभा सीट से 4,49,180 वोट मिले हैं जबकि आजम खान को 5,59,177 वोट मिले। 

कभी नवाबों की रियासत के रूप में विख्यात इस जिले से मौलाना अबुल कलाम आजाद पहले सांसद निर्वाचित हुए थे। वह भारत सरकार के पहले शिक्षा मंत्री भी थे जो हमेशा सामाजिक सौहार्द पर बल देते थे। राज्य में सबसे अधिक मुस्लिम बहुल जिला रामपुर ही है, जहां 52 फीसद आबादी मुस्लिम है। रामपुर लोकसभा सीट मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आती है। मुस्लिम बहुल आबादी वाली इस सीट पर काफी समय तक नवाब परिवार का वर्चस्व रहा है। पांच बार जुल्फिकार अली खान और दो बार उनकी बेगम नूर बानो सांसद बनी हैं  

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