जेल से छूटने के कुछ समय बाद ही पी चिदंबरम ने किया था मोदी सरकार पर हमला, कही थी चौकाने वाली बात...

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता P चिदंबरम आज अपना 75वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे है। बीते वर्ष तक वह मनी लांड्रिंग के केस में जेल की सजा काट चुके हैं। इतना ही नहीं वह अपने जन्मदिन के 3 दिन बाद तक जेल में ही थे, हम बता दें कि  राउज एवेन्यू अदालत ने उन्हें आईएनएक्स मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। P चिदंबरम के बेटे और शिवगंगा सीट से कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने उनके जन्मदिन पर पत्र भी लिखा था, जिसमे बधाई के साथ मोदी सरकार पर हमला करने की बात भी की गई थी। वहीं पी. चिदंबरम ने इस अवसर पर उन्होंने अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए बोला था कि ईश्वर इस देश की रक्षा करे।

बीते वर्ष जन्मदिन चिदंबरम ने कही थी ये बात:   जी हां बीते वर्ष अपने जन्मदिन पर चिदंबरम ने बोला था कि 'मेरे परिवार ने मेरे दोस्तों, पार्टी सहयोगियों और शुभचिंतकों की तरफ से मुझ तक शुभकामनाएं पहुंचाने के किए धन्यवाद। मुझे याद दिलाया गया कि मैं 74 वर्ष का हो चुका हूं। मैं 74 का हूं लेकिन दिल से मैं खुद को 74 वर्ष का नौजवान आज भी महसूस करता हूं।' पूर्व वित्त मंत्री ने बोला था कि मैं आज भी देश की अर्थव्यवस्था को लेकर उतना ही चिंतित था जितना की पहले। सिर्फ एक आंकड़ा पूरी कहानी बयां कर जाता है। बीते वर्ष अगस्त माह में निर्यात वृद्धि में 6.05 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी। निर्यात में 20 प्रतिशत की वृद्धि के बिना कोई देश 8  प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर तक नहीं पहुंच पाएगा। इतना ही नहीं अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने आगे कहा था कि 'ईश्चर इस देश की रक्षा करे।' चिदंबरम के जन्मदिन के अवसर पर उनके पुत्र कार्ति ने उन्हें भावनात्मक रूप से याद किया तो जयराम रमेश समेत कई कांग्रेस नेताओं ने चिदंबरम को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थी।

कुछ समय पहले भी पेगासस जासूसी केस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने  केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा था। जहां उन्होंने कहा कि यह केस गंभीर है और गवर्नमेंट को या तो इन सभी इल्ज़ामों की कार्रवाई संयुक्त संसदीय समिति द्वारा करवानी चाहिए या फिर इसकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की नियुक्ति करने की अपील करना चाहिए। चिदंबरम ने मांग की कि पीएम मोदी  को संसद में बयान देना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि क्या जासूसी की गई थी या नहीं। जहां अपनी बात को जारी रखते हुए चिदंबरम ने मीडिया से कहा था कि सूचना प्रौद्योगिकी पर संयुक्त संसदीय समिति  द्वारा कार्रवाई संसदीय स्थायी समिति की कार्रवाई से ज्यादा प्रभावी हो सकती है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि संसदीय IT पैनल के प्रमुख शशि थरूर ने बोलै था कि इस केस की जांच उनकी समिति ही करने वाली है और इसके लिए जेपीसी की जरूरत नहीं है। चिदंबरम ने जवाब देते हुए बोला कि उन्हें संदेह है कि क्या बीजेपी के अधिकांश सदस्यों वाला आईटी पैनल मामले की पूरी जांच निष्पक्षता से कर सकता है।

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