रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए केंद्र मंत्री राजनाथ सिंह ने उठाया बड़ा कदम

शुक्रवार को रक्षा क्षेत्र के विकास में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ऐसी योजना को मंजूरी दी जिसके तहत घरेलू रक्षा उद्योग द्वारा देश में विकसित और नियमित सैन्य हार्डवेयर (उपकरणों) के परीक्षण के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से केंद्र तैयार किए जाएंगे.

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इस मामले को लेकर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि रक्षा उपकरण परीक्षण योजना (डीटीआइएस) का लक्ष्य देश में रक्षा एवं हवाई क्षेत्र के उत्पादन को बढ़ावा देना है. रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, 'रक्षा मंत्रालय ने 400 करोड़ रुपये के शुरुआती बजट के साथ डीटीआइएस को मंजूरी दे दी है जिसके तहत रक्षा क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक ढांचा और परिसर विकसित किए जाएंगे.'

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह योजना पांच साल की अवधि के लिए है और इस दौरान निजी उद्योगों की साझेदारी से छह से आठ नए परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे. बयान के मुताबिक, इन योजनाओं के लिए सरकार अनुदान के रूप में 75 फीसद की राशि देगी और बाकी 25 फीसद लागत निजी उद्योगों और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी. वर्तमान में भारत दुनिया के सबसे बड़े सैन्य उपकरण आयातकों में शामिल है. सरकार देश को रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने पर ध्यान दे रही है.

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