अमेरिका एफ-16 विमान नहीं देगा, तो हम कहीं और से ले लेंगेः पाकिस्तान

वॉशिंगटन। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच होने वाला एफ-16 लड़ाकू विमानों का सौदा अब एक-दूसरे पर निशाना साधने का जरिया बन गया है। एक ओर अमेरिका ने पाकिस्तान को साफ कर दिया है कि यदि उसे विमान खरीदना है, तो उसे पूरी रकम अपनी जेब से देनी होगी।

इस पर पाकिस्तान ने भी अमेरिका को धमकी भरे लहजे में कह दिया है कि अगर अमेरिका उसकी डील में मदद नही करेगा तो वो कहीं और से विमान खरीद लेंगे। पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि अमेरिका उसे फंडिंग करने में असमर्थ है, तो वो किसी अन्य जगह से विमान खरीद लेंगे।

मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा था कि अमेरिकी सांसदों के दबाव में उन्होने अपना फैसला बदल दिया है। ऐसे में अब पाकिस्तान को पूरी रकम की अदायगी के बाद खुद से ही विमान खरीदनी होगी। इसके लिए पाकिस्तान को एक माह का समय दिया गया है।

एक स्थानीय अखबार में अजीज के हवाले से बताया गया है कि पाक ने एफ-16 की क्षमता को देखते हुए इसे चुना था। जब कि आतंक विरोधी अभियान के लिए एफ-17 एक बेहतर विकल्प है। दे। अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इन आठ विमानों और इससे जुड़े उपकरणों की कुल कीमत करीबन 70 करोड़ डॉलर है।

इससे पहले तक इस डील में अमेरिका की ओर से 43 करोड़ डॉलर और पाकिस्तान की ओर से 27 करोड़ डॉलर की राशि दोनों देश वहन कर रहे थे। अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ओबामा प्रशासन अब भी पाकिस्तान के साथ यह डील करना चाहता है।

लेकिन इसमें अमेरिकी डॉलर खर्च नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही पाकिस्तान को दी जाने वाली विदेशी सैन्य मदद पर रोक लगी दी गई है, जो कि कुल 74 करोड़ 20 लाख डॉलर थी।

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