मुलायम सिंह पार्टी के मालिक, उनको चुनौती देना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं

लखनऊ : राजनीति में वापसी करते हुए अमर सिंह समाजवादी पार्टी की सीट से ही राज्यसभा में प्रवेश करने जा रहे है। इस बात से उतर प्रदेश के केंद्रीय मंत्री आजम खान और राम गोपाल शर्मा खफा है। पार्टी ने लखनऊ कार्यालय में इस संबंध में की संसदीय दल की बैठक में राज्यसभा के साथ ही विधान परिषद् सदस्यों का भी नाम तय किया।

अमर सिंह के नाम पर आजम खान ने कहा कि मेरी नजर में यह एक दुखद प्रकरण है। नेताजी पार्टी के मालिक है और उनके फैसले को चुनौती देना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सपा में अभिनेत्री जयाप्रदा की वापसी पर आजम खान ने कहा कि जो किस्मत में लिखा होगा, उसे माना जाएगा।

इस मामले में बीजेपी सांसद योगीनाथ ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि सपा डूबता हुआ जहाज है, अच्छा है कि सभी डूबने वाले एक जगह आकर साथ डूबें। मुख्य प्रांतीय प्रवक्ता वरिष्ठ काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने संवाददाताओं को बताया कि पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में राज्यसभा तथा विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन किया गया।

उन्होंने बताया कि बोर्ड ने बेनी प्रसाद वर्मा, अमर सिंह, संजय सेठ, रेवती रमण सिंह, सुखराम सिंह यादव, विशम्भर प्रसाद निषाद तथा अरविंद प्रताप सिंह को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। नए नामों की चर्चा पर कुछ सदस्यों द्वारा ऐतराज जताए जाने पर रामगोपाल यादव ने कहा कि कहीं कोई विरोध नहीं है।

अमर सिंह की वापसी से जुड़े सवाल पर उन्होने कहा कि इस मामले में निर्णय मुलायम सिंह ही लेंगे। जया प्रदा की वापसी पर वो बोले कि यह तो समय ही तय करेगा। संसदीय बोर्ड ने बहुत सोच-समझकर नमामों का चयन किया है। बता दें कि उतर प्रदेश में 11 राज्यसभा और 13 विधान पार्षदों के लिए द्विवार्षिक चुनाव जूम में होने है।

राज्यसभा में एंट्री लेने के लिए किसी भी पार्टी के सदस्य को 37 विधायकों का समर्थन चाहिए होता है। 403 सदस्यीय राज्य विधानसभा में सपा के 227 विधायक है। उसके 6 उम्मीदवार राज्यसभा पहुंच सकते है। बसपा के 2 और बीजेपी का 1 उम्मीदवार राज्यसभा जा सकता है।

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