अक्षय तृतीया लेकर आई पवित्र धामों की यात्रा का शुभ संयोग

वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया का अद्भुत दिन बेहद शुभ होता है। यूं तो पूरा वैशाख मास ही धार्मिक कार्यों और ईश्वर भक्ति के लिए शुभ होता है यही नहीं इस मास में शुभ कार्य भी होते हैं हालांकि यह बात अलग है कि इस बार सिंहस्थ का योग है और शुक्र अस्त हैं जिसके कारण शुभकार्य न करने की मान्यता है। वैसे देव पूजन आदि कार्य किए जा सकते हैं। इस बार यह योग 9 मई को होगा।

इस दिन उज्जैन में सिंहस्थ 2016 के तहत लगने वाले सिंहस्थ महापर्व का शाही स्नान भी होगा। हालांकि अक्षय तृतीया पर विवाह के आयोजन होते हैं मगर इस बार ये आयोजन नहीं होंगे। दूसरी ओर इस तृतीया को अक्षय इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें किसी भी तरह का क्षय नहीं होता है।

इस तिथि पर पूजन, अर्चन, जप, तप आदि करने का विशेष प्रभाव होता है। इस दिन पवित्र नदियों तीर्थों में स्नान का विशेष महत्व है। इसी दिन चारधाम में से एक भगवान बद्रीनाथ के पट खुलते हैं। केदरानाथ जी के पट भी इसके आसपास ही खुलते हैं। ऐसे में यह अवसर बेहद शुभ होता है। इस बार चारधाम की यात्रा में इन धामों की यात्रा 9 मई से प्रारंभ हो रही है। जिसके कारण यह श्रद्धालुओं के लिए शुभ संयोग लेकर आया है। 

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