काउंसलिंग के मामले में सामने आई लापरवाही

भोपाल- 12 वीं का रिजल्ट आने से पहले राज्य सरकार ने बच्चों और उनके माता-पिता की काउंसलिंग कराने के निर्देश कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गये थे.लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लेने के कारण इसका पालन सभी जिलों में नहीं किया गया.नतीजतन रिजल्ट आने के 24 घंटे के अंदर ही 6 बच्चों ने ख़ुदकुशी कर ली.

इस मामले में जब पड़ताल की गई तो पता लगा कि भोपाल और सीहोर के कलेक्टरों ने काउंसलिंग कराने का दावा किया है, वहीं शिवपुरी, सतना और बैतूल कलेक्टर ने ऐसे निर्देशों से अनभिज्ञता जाहिर की है. शिक्षा मंत्री दीपक जोशी ने कहा कि चुक हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी.

राज्य शिक्षा केंद्र की आयुक्त दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने कहा कि अप्रैल में स्कूलों की छुट्टियां हो जाती है इसलिए हमने मार्च में ही जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए थे. स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री जोशी ने अपनी नोट शीट में लिखा था की बच्चों को काउंसलिंग में समझाएं की महात्मा गाँधी और अब्दुल कलम कभी मेरिट में नहीं आये. कम नम्बर आने पर बच्चों को हतोत्साहित न करें.इससे हमारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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