बिहार स्टार्ट अप में 5 हजार आवेदन, सिर्फ 29 का चयन

पटना : देश युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के नाम पर मजाक किया जा रहा है और योजनाये सिर्फ खाना पूर्ति करने के काम को बखूबी कर रही है. इसकी एक और मिसाल है बिहार स्टार्ट अप योजना. जहा आए लगभग पांच हजार आवेदनों में से मात्र 29 का ही चयन हो पाया है और उन्हें भी उद्योग विभाग मात्र 71 लाख रुपए की राशि प्रदान कर बिहार में औद्योगिक बहार के ढोल पिट रहा है आवेदन में पोर्टल पर आटा चक्की और पान की दुकान खोलने के लिए युवा प्रार्थनारत है. बिहार स्टार्ट अप योजना के नाम पर अबतक 295 लाख रुपए सरकार के खर्च हो चुके हैं.

सरकारी सूत्रों के अनुसार पिछले एक साल में बिहार सरकार के उद्योग विभाग के पास स्टार्टअप के लिए कुल आवेदन आए 4635, जिनमें से स्टार्टअप के लायक मात्र 53 आवेदन समझे गए. स्टार्ट अप के तहत फंड पाने वाले आवेदक 29 बने, जिन्हें अभी तक मात्र 71 लाख की राशि दी गई है. बिहार स्टार्टअप योजना के पोर्टल पर आए आवेदनों में आवेदन कर्ताओं का कहना है कि मुझे गांव में आटा चक्की खोलनी है, मुझे पान की दुकान लगानी है. मुझे शहर में चलाने के लिए एक ऑटो खरीदना है.

दरअसल बिहार सरकार नई स्टार्टअप पॉलिसी के तहत इस योजना के लिए चयनित आवेदकों को दस लाख रुपए देगी. लेकिन राज्य के बेरोजगार युवा आटा चक्की खोलने को स्टार्टअप बनाकर दस लाख रुपए की आस में आवेदन कर रहे हैं. मुद्दा स्टार्ट अप के मतलब को समझने और समझने का भी है. युवा जहा दस लाख में  आटा चक्की डालना चाह रहे है, वही सरकार भी उन्हें ये समझने में असफल रही है कि  बिहार स्टार्ट अप योजना के मायने क्या है. 

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