यूपी: 3400 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की

By Harish Parmar
Sep 14 2015 02:14 PM
यूपी: 3400 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की

लखनऊ. इलाहबाद हाई-कोर्ट ने शनिवार को अपने एक फैसले के तहत शिक्षामित्रों की नियुक्तियां रद्द कर दी थी तथा कोर्ट के इस फैसले के 24 घंटे बाद ही करीब 7 शिक्षामित्रों ने उत्तरप्रदेश के अलग अलग जिलो में कोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुसाइड कर लिया. व सोमवार को इन शिक्षामित्रों ने विरोध स्वरूप यूपी के अनेक प्राइमरी स्कूलों को जबरन बंद कराया और जमकर नारेबाजी की। व कई स्कूलों में टेबल कुर्सियों को तोड़ दिया व उनके इस प्रदर्शन को देखते हुए स्कूलों के टीचरो ने स्कुल में ताला जड़ दिया व बंद कर चले गए. इन शिक्षामित्रों का कहना है की कोर्ट ने हमारे साथ अन्याय किया है व जब तक हमारे साथ न्याय नही होता तब तक हम स्कुल बंद रखेंगे. 

शिक्षामित्रों ने इस दौरान धमकी दी की अगर हमे न्याय नही मिला तो हम हाइवे और रेलवे ट्रैक जाम कर देंगे.  लखीमपुर खीरी में हजारों शिक्षामित्रों ने रविवार को सदर स्कूल में प्रदर्शन किया व बरेली के करीब 3400 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की, गाजी इमाम आला जो की शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष है उन्होंने दोहराया की बुधवार को शिक्षामित्रों के सभी संगठन एक साथ लखनऊ में जुटेंगे व हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा. शिक्षामित्रों ने केंद्रीय मानव संसाधन और विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया के घर के आगे भी घेराव किया. इसी बीच यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सभी जिलों के डीएम को आदेश दिया है की अगर किसी भी जिले में शिक्षामित्र की अप्राकृतिक मौत हुई है तो उन्हें पांच लाख रूपये का मुआवजा मिलेगा. व उन्होंने शिक्षा मित्रो से संयम रखने की अपील भी की.