भगवान को बहुत मानते थे यश जौहर, कभी मिठाई की दूकान पर किया था काम

Jun 26 2019 06:00 AM
भगवान को बहुत मानते थे यश जौहर, कभी मिठाई की दूकान पर किया था काम

धर्मा प्रोडक्शन की नीव रखने वाले यश जौहर भारतीय हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्माता थे और उनका जन्म 6 सितम्बर 1929 को लाहोर में हुआ था. वहीं यश जौहर का निधन 26 जून 2004 में हुआ और यश ने धर्मा प्रोडक्शन की स्थापना साल 1976 में की थी. वह अपनी फिल्मों में बड़े- बड़े भव्य सेट और विदेशो की शूटिंग के लिए मशहूर थे और यश 9 भाई- बहन थे. जिनमें सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे वही थे. कहा जाता है यश ने मशहूर फिल्म निर्माताओं में से एक बीआर चोपड़ा की बहन हिरू से शादी की थी और दोनों का बेटा करण जौहर जो आज के समय में मशहूर फिल्म निर्माता हैं.

वहीं यश का निधन 74 साल की उम्र में चेस्ट इन्फेक्शन और कैंसर की वजह से हुआ था और यश ने साल 1952 में सुनील दत्त के प्रोडक्शन हाउस अजंता आर्ट्स से बॉलीवुड में अपना करियर शुरू किया. उसके बाद यश ने दोस्ताना (1980), दुनिया (1984), मुकद्दर का फैसला (1987), अग्निपथ (1990), गुमराह (1993), डुप्लिकेट (1998), कुछ कुछ होता है (1998), कभी खुशी कभी गम (2001), कल हो न हो (2003) जैसी फिल्मों का निर्माण किया. यश जौहर पूजा पाठ में काफी यकीन रखते थे और उन्होंने अपने घर में ही छोटा सा मंदिर बनाकर रखा था. जहाँ वह सुबह करीब 3 मिनट तक प्रार्थना करते थे. इन सभी में खास बात ये है कि उनकी फिल्मों में ये छाप दिखाई देती है. आपने देखा होगा उनकी फिल्म कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम और कल हो न हो में भगवान के मंदिर अधिकतर दिखाए गये.

कहते हैं बंटवारे के बाद यश जौहर का परिवार लाहोर से दिल्ली आ गया था और वहां यश जौहर के पिता ने मिठाई की दुकान खोली और पढ़ेे लिखे होने की वजह से यश को ही दुकान पर बैठा दिया. लेकिन यश यह काम करना बिल्कुल पसंद नहीं कर रहे थे और यश जौहर की मां यह समझ चुकी थी इस कारण उन्होंने यश को घर से कुछ गहने और पैसे गायब करके दिए औऱ मुंबई भेज दिया. मुंबई में यश ने खूब नाम कमाया और 26 जून 2004 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.

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