क्यों करते हैं वार्मअप और कूल डाउन

फिट रहने के ट्रेंड के बीच सभी अपने आपको पूरी तरह से फिट रखने की जुगत में लगे हुए हैं और इसके लिए रनिंग,स्विमिंग,योग और जिम का सहारा लिया जा रहा है. जिम में आजकल हर आयु वर्ग के लोगों के भीड़ नजर आती है. हर चीज का कोई नियम या तरीका होता ही और वर्कआउट भी कोई अपवाद नहीं है. जो लोग जिम जाते हैं उन्हें वार्मअप और कूल डाउन जैसे शब्दों का मतलब अच्छी तरह से मालुम होगा। वर्कआउट शुरू करने से पहले बॉडी को उसके लिए तैयार करना पड़ता है इसे ही वार्म अप कहते हैं और वर्कआउट खत्म होने का बाद बॉडी को रिलैक्स करने के लिए कूल डाउन किया जाता है. आज हम आपसे इनके बारे में ही बात करेंगे।

वार्म उप करने से हमारे शरीर को गर्मी मिलती है और हमारा शरीर अपनी सुस्ती छोड़कर एकदम एक्टिव हो जाता है. यह हमारे शरीर का तापमान बड़ा देता है जिससे हमारी मांसपेशियां गर्म हो जाती है और एक्सरसाइज के कारण इनमे दर्द या खिंचाव होने की संभावना कम हो जाती है. आप जिस किसी बॉडी पार्ट के एक्सरसाइज करना चाहते है तो पहले उसका रिहर्सल करने से आपका शरीर गरम भी हो जाता है और आपकी बॉडी के उस हिस्से में गतिशीलता भी आ जाती है. अक्सर लोग दिन भर के काम के बाद शाम को जिम जातेहैं। वार्मअप करने से हम पूरे दिन झेले गए मानसिक दबाव से भी निजात पाते हैं और यह हमारे लिए बहुत अच्छी बात होती है.

जब हम एक्सरसाइज खत्म करते हैं तो हमें कूल डाउन जरूर करना चाहिए। यह वार्म अप के एकदम उलट होता है। लोग अक्सर कूल डाउन पर ध्यान नहीं देते क्योंकि वे मानते हैं की इसका उनकी बॉडी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो यह गलत है.यह हमारे शरीर का बॉडी टेम्परेचर ठीक करता है और हमारी बॉडी को रिलैक्स अवस्था में ले जाने में बहुत ज्यादा मददगार है. एक्सरसाइज के दौरान आपकी हार्ट रेट बढ़ जाती है और इसे वापस सही करने के लिए ही कूल डाउन किया जाता है. इसमें ज्यादातर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज होती है जो आपके पूरे शरीर को एक्सरसाइज के बाद स्ट्रेच करती है. इससे आपको दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से भी निजात मिलती है.

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