नेपाल में हिंसक हुआ आंदोलन, पूर्व प्रधानमंत्री पर किया हमला

नेपाल में हिंसक हुआ आंदोलन, पूर्व प्रधानमंत्री पर किया हमला

नई दिल्ली : नेपाल में संविधान विरोधी आंदोलन दिन ब दिन उग्र होता जा रहा है. जनकपुर, सनौली, भैरवा सहित कई जगहों पर मंगलवार को हिंसा की घटनाए सामने आई हैं. जनकपुर में पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई की सभा में मधेसी प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया और मंच को आग लगा दी और तोड़फोड़ की. इतना ही नहीं ऐसा करने से रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने भट्टाराई के समर्थकों की भी पीटा.

भट्टाराई को जनकपुर हवाई अड्डे के पास प्रदर्शनकारियों से बचाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस हंगामें 7 प्रदशर्नकारी घायल हो गए. बता दें कि पिछले दिनों भट्टराई ने संविधान के विरोध में UCPN-माओवादी और संविधान सभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. भैरवा और सनौली में सीमा पर डटे मधेसियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करना पड़ा इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पथराव किया.

ज्ञात हो कि नेपाल में भारतीय टीवी चैनलों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई है, इनकी जगह चीनी और पाकिस्तानी चैनल दिखाए जा रहे हैं. संविधान में सही प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के कारण मधेसी और थारू समुदाय के लोग 51 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. इस आंदोलनों मे अब तक 40 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है. पिछले हफ्ते से मधेसियों ने भारत से सटी सीमाएं सील कर रखी हैं. इससे नेपाल में ईंधन, दवाओं और खाद्य पदार्थों की भरी कमी हो गई है. इस बीच नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत राय ने कहा कि नेपाल-भारत की दोस्ती बहुत पुरानी, ठोस और स्थिर है. किसी खास घटना से इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.