बस्तर के दो गाँवो में ग्रामीणों ने लगायी नक्सलियों के प्रवेश पर रोक

बस्तर : छत्तीसगढ़ के नक्सली प्रभावी क्षेत्र बस्तर की एक ग्राम पंचायत ने नक्सलियों के खिलाफ एक मुहीम छेड़ी है, जिसके तहत पंचायत ने नक्सलियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. गांव के युवा हथियारों के साथ नक्सलियों को गांव में प्रवेश करने से रोक रहे है.

बस्तर नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है. यहाँ पिछले 30 सालो से नक्सलियों को आतंक कायम है. कई बार नक्सलियों द्वारा ग्रामीणों पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए हत्या कर दी जाती है, जिससे गांव वाले खासे परेशां थे. वही नक्सलियों की वजह से पंचायत विकास से भी कोसो दूर थी. जिस वजह से गांव के लोग बद से बदतर जीवन जीने के लिए मजबूर थे.

इस सब से तंग आ कर कुमाकोलेंग ग्राम पंचायत के दो गांव कुमाकोलेंग और नामा में नक्सलियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. पुलिस भी गांव वालो की इस मुहीम का समर्थन करती नज़र आ रही है.

सुकमा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के मुताबिक 'जिले में कुछ गांव है जहां नक्सलियों पर पाबंदी लगाई जा रही है. पुलिस ने गांव वालों से वादा किया है कि जंगल के अंदरूनी हिस्से में बसे इस गांव में जल्द ही पुलिस शिविर की स्थापना पर विचार किया जाएगा. सिंह ने बताया कि गांव में नक्सलियों के विरोध के बाद सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है.' 

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