उत्तराखंड में बर्फ़बारी ने तोड़ा 34 सालों का रिकॉर्ड, वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह

उत्तराखंड में बर्फ़बारी ने तोड़ा 34 सालों का रिकॉर्ड, वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह

देहरादून: हाल ही में मौसम पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव ही है कि 15 दिसंबर से पहले इतनी भारी बर्फबारी हुई है. वहीं करीब 34 साल बाद ऐसा मौका आया है कि पौष माह आने से पहले ही मार्गशीष में इतनी भारी बर्फबारी देखने को मिली है. जंहा बमोटिया गांव के दयाल राम का कहना है कि 1985-86 में मार्गशीष में इतनी भारी बर्फबारी हुई थी. अब पहली बार 15 दिसंबर 2019 से पहले बर्फबारी के चलते ग्रामीण भी हैरत में हैं. जंहा आमतौर पर तीन हजार मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिसंबर माह के अंत से फरवरी तक ही बर्फबारी होती थी.

तापमान लगातार कम होने से दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में काफी बर्फबारी: हम आपको बता दें कि ग्वालदम में 1980 से दुकान चलाने वाले केदारदत्त ने कहा कि आमतौर पर यहां पर 25 दिसंबर के बाद से जनवरी के बीच में बर्फबारी होती थी लेकिन इस बार समय से पहले ही इतनी बर्फबारी हुई है. कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. अनिल चंद्रा का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम में ऐसा बदलाव आया है.

वहीं ऐसा भी कहा जा रहा है कि इस बार बरसात देर तक रही, जिससे तापमान कम रहा. जंहा उसके बाद अक्टूबर और नवंबर माह में दो बार बारिश के कारण भूमि में काफी नमी थी, जिससे तापमान लगातार कम होने से दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में काफी बर्फबारी हुई है.

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