उत्तराखंड में 1324 केंद्रों पर छात्रों ने दी परीक्षा

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शेष रह गई परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई। इसके साथ ही परीक्षा के लिए प्रदेश में 1324 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद की सचिव नीता तिवारी के अनुसार  परीक्षाएं दो पालियों में हुई।सुबह की पाली में हाईस्कूल के उर्दू विषय के छात्रों की परीक्षा हुई। हालाँकि  दूसरी पाली में इंटरमीडिएट जीव विज्ञान के छात्र छात्राओं ने परीक्षा दी। इसके साथ ही परीक्षा के लिए सभी केंद्रों में पुख्ता व्यवस्था की गई थी। वहीं थर्मल स्कैनिंग के बाद ही छात्रों और कर्मचारियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने दिया गया। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा गया। सचिव ने बताया कि हाईस्कूल उर्दू के 1159 और इंटरमीडिएट जीव विज्ञान के 25466 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।

परीक्षा देने जा रहे सभी छात्रों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग
उत्तराखंड राज्य बोर्ड की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। वहीं इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने परीक्षा देने जा रहे सभी छात्र-छात्राओं के हाथों को मौके पर जाकर सैनिटाइज कराया। वहीं इस अवसर पर एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्रकाश नेगी ने परीक्षा में मौजूद  होने जा रहे सभी छात्र एवं छात्राओं को कोरोना के प्रति जागरूक किया। 

बायोलॉजी के 39 छात्रों ने नहीं दी परीक्षा 
उत्तराखंड बोर्ड के छूटे हुए विषयों की परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। इसके साथ ही राजधानी के सभी केंद्रों पर कोरोना बचाव के उपायों के साथ परीक्षा हुई। पहले दिन हाईस्कूल के एक और इंटरमीडिएट के तीन विषयों की परीक्षा हुई। सुबह की पाली में हाईस्कूल उर्दू की परीक्षा हुई।मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 56 छात्र पंजीकृत थे। वहीं इनमें से 55 शामिल हुए। एक छात्र अनुपस्थित रहा। शाम की पाली में इंटरमीडिएट बायोलॉजी, कृषि रसायन और कृषि गणित का पेपर हुआ। इसके साथ ही बायोलॉजी में सबसे अधिक 2026 छात्र पंजीकृत थे। इनमें से 1989 ही उपस्थित रहे। कुल 39 छात्र अनुपस्थित रहे। रायपुर ब्लॉक में सबसे अधिक 16 छात्रों ने परीक्षा नहीं दी। कालसी ब्लॉक में सभी छात्र परीक्षा में शामिल हुए। कृषि गणित में कुल पंजीकृत 32 में से 29 और कृषि रसायन में सभी 25 छात्र उपस्थित रहे। 

सोशल डिस्टेंसिंग से बैठे बच्चे 
उत्तराखंड बोर्ड के छूटे हुए विषयों की परीक्षा के दौरान पेपर की चिंता के साथ कोरोना का डर भी दिखा। शिक्षक और छात्र सभी कोरोना को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहे। इसके साथ ही सभी केंद्रों पर बच्चों को परीक्षा से एक घंटे पहले बुलाया गया ताकि उनकी ठीक से जांच की जा सके। वहीं स्कूल पहुंचने पर सभी छात्रों को एक निश्चित दूरी पर खड़ाकर उन सभी की थर्मल स्कैनिंग की गई। इसके बाद सभी छात्रों ने अपने हाथों को सैनिटाइज किया। सभी छात्रों को मास्क पहनने को भी कहा गया।वहीं  कुछ केंद्रों पर बच्चे बिना मास्क के भी पहुंचे, जिन्हें शिक्षकों ने अपने पास से मास्क उपलब्ध कराए। 

 

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