बंगाल में भी अब उगेगी गुणवत्ता वाली चाय

बंगाल में भी अब उगेगी गुणवत्ता वाली चाय

अच्छी चाय की पैदावार को लेकर अभी तक दार्जिलिंग और असम को ही जाना जाता है. लेकिन अब हम आपको यह बता दे कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खडग़पुर और पुरूलिया के नए क्षेत्रो में भी चाय की खेती करने को लेकर मदद की जा रही है. इस मामले में खडग़पुर स्थित चाय बागान में यह भी दिखाया गया है कि किस तरह से मैदानी इलाकों में भी जैविक चाय की खेती की जा सकती है और इसके बाद किस तरह से पेटेंट प्राप्त ऊर्जा की बचत के लिए उपयोग की जाने वाली मशीनों के जरिये सस्ते तरीके से इसके पत्तों का प्रसंस्करण किया जा सकता है.

इसके साथ ही आपको इस बात से भी अवगत करवा दे कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उद्यमी पार्क (STEP) के द्वारा ऐसी 17 जगहों की पहचान भी कर ली गई है जहाँ जैविक चाय की खेती जल्द ही शुरू की जाना है. STEP के ही एक अधिकारी ने यह भी बताया है कि नए वैज्ञानिक तरीकों से चाय की खेती को दक्षिण बंगाल में गैर पारम्परिक क्षेत्र में शुरू की जाना है.

इसके तहत यह भी सामने आया है कि यहाँ ना केवल किसानों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी भी आना है. इसके अंतर्गत एक मशीन भी तैयार की गई है जो कम जगह के साथ ही कम ऊर्जा की भी खपत करती है.