सुशील ने WFI पर लगाए गम्भीर आरोप

नई दिल्ली : भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का दावा है कि उन्होंने सुशील सहित कभी किसी पहलवान को रियो ओलंपिक के लिए ट्रायल का आश्वासन नहीं दिया था लेकिन सुशील कुमार का आरोप है कि फेडरेशन अपनी बात से मुकर रही है.

2 बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील ने कहा कि गत वर्ष सितंबर की लास वेगास विश्व चैंपियनशिप से पहले जब जुलाई में ट्रायल हुए थे तो मैं चोट के कारण उसमें हिस्सा नहीं ले सका था. WFI ने उस समय कहा था कि यदि नरसिंह यादव 74 किग्रा वर्ग में ओलंपिक कोटा हासिल भी कर लेते हैं तो भी ओलंपिक से पहले ट्रायल कराया जायेगा क्योंकि इस वर्ग में सुशील मौजूद हैं.

सुशील ने कहा कि यदि उस समय फेडरेशन ने यह बात नहीं कही होती तो वह ओलंपिक की तैयारी को लेकर इतनी कड़ी मेहनत नहीं करते.उन्होंने कहा कि वह फेडरेशन को उन्हें ओलंपिक में भेजने के लिये नहीं कह रहे बल्कि ट्रायल की मांग कर रहे हैं.

गौरतलब है कि अपनी इस मांग के लिए सुशील दिल्ली उच्च न्यायालय जा चुके हैं और इस पर 27 मई को सुनवाई होनी है. उच्च न्यायालय के निर्देश पर फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण ने हाल ही में सुशील के साथ एक बैठक की थी जहां सुशील ने ट्रायल कराने को लेकर अपना पक्ष रखा था. उस बैठक के बाद बृजभूषण ने संवाददाताओं से कहा था कि फेडरेशन अपने स्टैंड पर कायम है और उन्होंने सुशील सहित किसी भी पहलवान को ट्रायल का आश्वासन नहीं दिया था. फेडरेशन का स्टैंड है कि जिस पहलवान ने ओलंपिक कोटा हासिल किया है, वही रियो जाएगा.

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