अपंजीकृत NGO के बाल गृह होंगे बंद

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिए है कि गैर पंजीकृत NGO द्वारा संचालित सभी बाल गृहों को बंद किया जाए, क्योंकि इनमें से कई केन्द्र बच्चों की तस्करी के केन्द्र बने हुए हैं. अदालत ने इसके लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया है. गैर पंजीकृत NGO द्वारा संचालित बाल गृहों में रह रहे बच्चों को अन्य जगह पर रहने की व्यवस्था कराए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं. 

अच्छे काम करने वालों को मिले मदद

न्यायाधीश मदन बी लोकुर और यू यू ललित की पीठ ने कहा कि किसी भी गैर पंजीकृत NGO को बच्चों को कस्टडी में रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए इसके साथ ही उन्होंने कहा की जो NGO अच्छा काम कर रहे हैं, उनको सरकार द्वारा सभी तरह की मदद दी जाए. पीठ ने केन्द्र सरकार से कहा कि बच्चों की तस्करी गंभीर अपराध है. केंद्र सरकार को भी यह महसूस होता होगा कि इन बाल गृहों में रह रही बालिकाओं को गुलाम के रूप में बेचा जा रहा है और उन्हें जबरदस्ती सेक्स रैकेट में धकेला जा रहा है. 

एडीशनल सॉलिसटर जनरल पटवालिया ने कहा कि सरकार इस समस्या की गंभीरता को अच्छी तरह समझती है. इसलिए सरकार ने गैर पंजीकृत NGO की फंडिंग को बंद करने का निर्णय लिया है.

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