प्रशासन की गलती का खामियाजा क्यों भुगते आम आदमी : कोर्ट

प्रशासन की गलती का खामियाजा क्यों भुगते आम आदमी : कोर्ट

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने ख़राब सड़कों को लेकर ना केवल आलोचना की है बल्कि साथ ही टोल से सम्बंधित बातें भी कहीं है. कोर्ट का यह कहना है कि यदि सड़के ही ख़राब है तो उसपर से निकलने वाले किस बात का टैक्स देंगे, क्योकि सड़कों की खराबी के लिए आम आदमी किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है. इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है तो खामियाजा आम आदमी क्यों भुगते? आपको यह भी बता दे कि कोर्ट की यह टिप्पणी नेशनल हाईवे 6 को लेकर सामने आई है. गौरतलब है कि यह हाईवे बहुत अहमियत रखता है और साथ ही इससे देश के 6 राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखण्ड और वेस्ट बंगाल जुड़ते है.

इसके साथ ही कोर्ट ने ओवरलोड ट्रकों पर भी टिप्पणी की है, कोर्ट का कहना है कि सड़क का जल्दी ख़राब होना और बुरा हाल होना ओवरलोडेड ट्रकों की वजह से होता है. उनका यह भी कहना है कि इन ट्रकों को रोकने के लिए एक ठोस रणनीति बनाई जानी चाहिए और यह भी किया जा सकता है कि हाईवे पर भी ट्रकों का वजन करने का उचित इन्तेजाम किया जाये.

मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि मार्च के दौरान केंद्र सरकार के द्वारा हाईवे पर 40 फीसदी टोल बढ़ाये जाने को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया था जिसके विरोध में हाईवे का रखरखाव और टोल वसूलने वाली कंपनी डीएससी वायकॉम वेंचर्स सामने आई थी, लेकिन हाई कोर्ट से इस चुनौती को ख़ारिज कर दिया गया था. जिसके बाद डीएससी वायकॉम वेंचर्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.