1945 के बाद भी जिंदा थे सुभाष चंद्र बोस : CM ममता

Sep 19 2015 06:05 AM
1945 के बाद भी जिंदा थे सुभाष चंद्र बोस : CM ममता

कोलकाता। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु अभी तक एक पहेली बनी हुई है। लेकिन इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है की नेताजी सन 1945 के बाद भी जिंदा थे। यह बात सीएम ममता बनर्जी ने बंगाल सरकार के पास मौजूद नेताजी से संबंधित फाइलों में से कुछ का अध्ययन करने के बाद कही है। कोलकाता पुलिस म्यूजियम में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा-सभी फाइलों को इतनी जल्दी देख पाना संभव नहीं है लेकिन मैंने कंप्यूटर पर कुछ फाइलों के डिजिटलाइज्ड रूप का अवलोकन किया है। इसमें कई बहुत सारे पत्र भी शामिल हैं, जिन्हें देखने के बाद प्रतीत होता है कि 1945 के बाद भी नेताजी जिंदा थे। उन पत्रों से यह भी पता प्रतीत है कि नेताजी के परिजनों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी फाइलों के एक एक पन्ने व शब्द अहम है।

बंगाल सरकार के पास मौजूद फाइलों को सार्वजनिक कर ममता ने केंद्र पर भी नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा- हमने एक शुरुआत की है। लोगों को हकीकत पता चलना चाहिए। केंद्र को भी अपने पास मौजूद नेताजी से संबधित फाइलों को सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने केंद्र पर सवाल दागते हुए कहा- अगर आप कुछ छिपा नहीं रहे हैं तो उन फाइलों को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे? 70 सालो के बाद भी यह रहस्य नहीं सुलझ पाया है। हमें अब तक नहीं मालूम कि नेताजी के साथ क्या हुआ था। इसे कितने लंबे समय तक गोपनीय रखा जा सकता है? मुख्यमंत्री ने कहा- आज का दिन एतिहासिक है। हमारी सरकार ने नेताजी से संबंधित सभी फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है। वाम मोर्चा सरकार ने अपने 34 वर्षों के शासन के दौरान यह नहीं किया।

बता दे की अभी तक यही माना जाता है की नेताजी की मृत्यु एक विमान दुर्घटना में हुई थी लेकिन तब से लेकर आज तक यह बात एक पहली बानी हुई है की क्या वाकई नेताजी की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी? या फिर नेताजी किसी साजिश का शिकार हुए है? नेताजी के मृत्यु की पुष्टि करने के लिए कई कमेटिया बनाई गई। लेकिन अभी तक किसी कमिटी ने इस बात को स्पष्ट नही किया की नेताजी की मृत्यु कब हुई।