पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी है, यह बास्केटबाल गर्ल

बीजिंग: दुनियाभर के विकलांग लोगो के लिए प्रेरणादायी है यह चीनी लड़की 2000 में चार साल की उम्र में एक कार एक्सीडेंट में इसे अपने दोनों पैर गंवाने पड़े, और इसने अपनी इसी कमजोरी को अपनी हिम्मत बनाया और आज वह चीन की एक बेहतरीन राष्ट्रीय पैरालंपिक तैराक चैंपियन है. कियान होंग्यान दक्षिण पश्चिम चीन में यून्नान प्रांत के ग्रामीण इलाके में जन्‍मी है. कियान के परिवार की ऐसी स्थिति नही थी की वह कियान का कृत्रिम पैर लगवा सके,

जिसके कारण कियान को अपने हाथो से चलने पर मजबूर होना पड़ता था. कियान के शरीर के संतुलन के लिए उसके दादाजी ने एक बास्केटबाल को काटकर कियान के निचले हिस्से में लगा दिया तभी से कियान चीन में बास्केटबाल गर्ल के नाम से प्रसिद्ध हो गई. गरीबी व लाचारी से कियान ने तैराकी पर ध्यान देना शुरू कर दिया. जिसके बलबूते कियान की राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर चर्चा होने लगी. 

कियान ने बीजिंग में डोनेशन के द्वारा मिले पहले कृत्रिम पांव को लगवाया. इसके बाद 2007 में उसने अपनी प्राइमरी शिक्षा पूरी की. तैराकी के दम पर कियान ने कई राष्‍ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्‍ड मैडल भी जीते. कियान का सपना था की वह 2012 पैरालंपिक तैराकी में जीतकर आए लेकिन अपने दादाजी की मौत से दुखी थी जिस कारण वह चूक गई. और एक कांस्‍य पदक ही जीत सकी.

कियान के भाइयो ने ऐसे में उसका दिल खोलकर स्वागत किया. कियान ने सितंबर 2014 में यून्‍नान प्रोवेंशियल पैरालंपिक गेम्‍स में 100 मीटर बैकस्‍ट्रोक का फाइनल भी जीता है। कियान को पूरी उम्मीद है की वह एक बार अपने देश के लिए मेडल जरूर जीतेगी व देश का नाम रोशन करेगी. कियान अब 18 वर्ष की हो गई है.  

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